
बिलासपुर पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार और अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले अंतर्राज्य गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मिनीबस्ती क्षेत्र से शुरू हुई यह कार्रवाई भोपाल तक पहुंची, जहां से मुख्य सप्लायर को दबोचा गया। पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के नेटवर्क पर सीधा प्रहार बताया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने थाना सिविल लाईन क्षेत्र के मिनीबस्ती में रेड और सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान आरोपी स्वराज कुर्रे को पकड़ा गया, जिसके कब्जे से करीब 1100 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट नाइट्राजेपाम बरामद की गई।

तलाशी के दौरान उसके पास से एक ऑटोमेटिक पिस्टल, मैग्जीन और 20 जिंदा कारतूस भी मिले।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की। पूछताछ में खुलासा हुआ कि अवैध हथियारों की सप्लाई भोपाल निवासी धीरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा की जा रही थी, जो पहले भी बिलासपुर में हथियार सप्लाई के मामलों में संलिप्त रह चुका है और फरार चल रहा था।सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक और विशेष टीम गठित कर भोपाल रवाना की गई। स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने आरोपी धीरेन्द्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर उसके पास से एक पिस्टल और दो मैग्जीन बरामद कीं।

इस कार्रवाई से अंतर्राज्य हथियार सप्लाई नेटवर्क की अहम कड़ी टूटने की बात कही जा रही है।दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है, वहीं मुख्य आरोपी धीरेन्द्र तोमर की पुलिस रिमांड लेकर गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायरों और सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस प्रकरण में केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। आरोपियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही वैधानिक जब्ती कर आर्थिक प्रहार किया जाएगा। बिलासपुर पुलिस की इस कार्रवाई को नशा और अवैध हथियारों के खिलाफ निर्णायक कदम माना जा रहा है।




