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अकलतरा के समीर उर्फ सूरज सिंह गोड़ के तालाब में नहाते वक्त केवई मछली उसके मुंह में घुस गई, ऑपरेशन के बाद हालात में सुधार; घर वालों ने ली चैन को सांस।

वैसे तो मछली खाना काफी लोगों को पसंद है लेकिन यही मछली किसी के लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है, ऐसा शायद ही आपने सोचा होगा। तालाब में नहाने के दौरान एक बच्चे की हलक में मछली घुस गई तो जान के लाले पड़ गए।

बिलासपुर के तोरवा गुरु नानक चौक स्थित लाइफ केयर हॉस्पिटल में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया । रोज की तरह जांजगीर चाम्पा जिले के अकलतरा क्षेत्र के करुमहू गांव में रहने वाला करीब 12- 13 वर्षीय समीर उर्फ सूरज सिंह गोड़ तालाब में नहाने गया था। वह अपने दोस्तों के साथ नहा रहा था कि इसी दौरान 8 से 10 सेंटीमीटर की केवई मछली उसके मुंह में घुस गई। यह मछली सीधे उसकी सांस नली में जा फंसी, जिससे उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। मुंह में फंसे मछली के साथ ही रोता हुआ समीर घर पहुंचा। बेटे की हालत देखकर माँ चंद्रिका बाई और परिजन उसे लेकर अकलतरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सको की काफी कोशिश के बाद भी मछली बाहर नहीं निकली तो समीर के परिजन उसे लेकर गुरु नानक चौक स्थित निजी अस्पताल पहुंचे।

सुबह करीब 11:30 बजे जब समीर को लाइक केयर अस्पताल लाया गया तो उसकी हालत काफी खराब थी। उसे सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। चिकित्सकों ने तुरंत बच्चे के सांस लेने के लिए गले में छेद कर वैकल्पिक व्यवस्था की। जिसके बाद समीर का तुरंत ऑपरेशन करने का निर्णय लिया गया। लाइफ केयर अस्पताल के डॉक्टर रामकृष्ण कश्यप, डॉक्टर साइमन और डॉक्टर नेहा पांडे की टीम ने दूरबीन पद्धति से ऑपरेशन करते हुए सांस नली में फंसे मछली के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और समीर की जान बचाई। फिलहाल समीर की हालत स्थिर बताई जा रही है, जिसे गहन चिकित्सा कक्षा में रखकर उसका इलाज किया जा रहा है।


बताया जा रहा है कि तालाब में नहाने के दौरान समीर के मुंह में केवाई प्रजाति की मछली घुस गई थी, जिस वजह से उसकी जान खतरे में थी, लेकिन सही समय पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंच गए, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। इसके बाद परिजनों ने भी राहत की सांस ली।

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