
भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटलजी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन और लोकहित के प्रति समर्पण का अद्वितीय उदाहरण है। लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की उनकी सोच आज भी छत्तीसगढ़ शासन की नीतियों और कार्यप्रणाली की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी व्यवस्था और जनविश्वास को मजबूत करने के प्रयास अटलजी के आदर्शों पर आधारित हैं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा करते हुए कहा कि लोक प्रशासन में नवाचार अब विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता है। राज्य के जिलों और विभागों से प्राप्त 312 प्रविष्टियों में से बहु-स्तरीय मूल्यांकन के बाद 10 श्रेष्ठ नवाचारों का चयन किया गया है। ये नवाचार तकनीक, परिणाम और नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर आधारित हैं, जिन्होंने भूमि अभिलेख, पोषण, शिक्षा, उद्योग, राजस्व, वन प्रबंधन और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में ठोस और मापनीय बदलाव लाए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे प्रयास सुशासन को जमीन पर साकार करते हैं और भविष्य के लिए अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करते हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में लोकार्पित 115 अटल परिसर आने वाली पीढ़ियों को अटलजी के योगदान की निरंतर याद दिलाते रहेंगे।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी की गरीबी, अशिक्षा या मजबूरी का लाभ उठाकर धर्मांतरण कराना उचित नहीं है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शों—ईमानदारी, संवेदनशीलता, संवाद और समावेशी विकास—को अपनाने का आह्वान करते हुए विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।




