
अपोलो कैंसर सेंटर बिलासपुर ने कैंसर से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को मानसिक व भावनात्मक सहयोग देने के उद्देश्य से ‘कैनविन’ नामक समर्थन समूह की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य है कि कैंसर से लड़ने वाले लोग अकेले न महसूस करें और उनके लिए एक ऐसा मंच उपलब्ध हो जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें और दूसरों को भी प्रेरित कर सकें। ‘कैनविन’ सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि एक आंदोलन है जो कैंसर से जूझ रहे मरीजों, उनके परिजनों, देखभाल करने वालों, डॉक्टर्स और स्वयंसेवकों को जोड़ता है। इसका पहला सत्र कैंसर विजेताओं की भावनात्मक और प्रेरणादायक कहानियों से शुरू हुआ, जहां उन्होंने अपनी व्यक्तिगत लड़ाई, साहस और जीत की कहानियां साझा कीं। यह मंच नए मरीजों के लिए प्रेरणा और आत्मबल का स्रोत बना। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता रहीं आराधना त्रिपाठी, जिन्होंने 2012 में कैंसर से जूझने के दौरान नकारात्मक सोच से जूझा लेकिन अपोलो के डॉक्टरों और अपने परिवार के सहयोग से कैंसर पर विजय पाई। आज वे सफल काउंसलर के रूप में कैंसर मरीजों का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बीमारी से लड़ाई मन से शुरू होती है, और दृढ़ इच्छाशक्ति से हर मुश्किल आसान हो सकती है। वहीं बिन्नी सलूजा, जिन्होंने 2017 में शुरुआती अवस्था में कैंसर डायग्नोज होने पर समय पर उपचार शुरू किया, उन्होंने अपनी मजबूत मानसिकता और योग के जरिए इलाज को अपनाया और बीमारी से सफलतापूर्वक बाहर निकलीं।

वे आज स्वस्थ जीवन जी रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं। मधुरिमा श्रीवास्तव, जो पेशे से एक शिक्षिका हैं, ने 2017 में ब्रेस्ट कैंसर और 2024 में दोबारा वोकल कार्ड में कैंसर का सामना किया। लेकिन दोनों ही बार उन्होंने साहस नहीं खोया और दृढ़ता से उपचार लेते हुए सामान्य जीवन जी रही हैं। उनकी कहानी साहस और आत्मबल का प्रतीक बन गई है। अपोलो हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि ‘कैनविन’ के माध्यम से हम ऐसा समुदाय बना रहे हैं जहां साहस साझा होता है और भावनात्मक सहयोग को प्राथमिकता दी जाती है। यह मंच मरीजों, परिजनों, डॉक्टरों और समाज के सभी वर्गों के लिए खुला है और इसका उद्देश्य उपचार के हर चरण में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम में अपोलो के वरिष्ठ चिकित्सकों ने हिस्सा लेते हुए बताया कि समय पर पहचान और बेहतर इलाज के चलते अब कैंसर से बचाव की दर में सुधार हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि ‘कैनविन’ जैसे मंच मरीजों के मानसिक स्वास्थ्य और उपचार प्रक्रिया को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। यह मंच न केवल जानकारी और अनुभवों को साझा करने का माध्यम है, बल्कि भावनात्मक हिम्मत का नया प्रतीक भी है।




