
अमरनाथ गुफा भगवान शिव के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है। यह वही पवित्र स्थान है, जहां भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य सुनाया था। गुफा में प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग बनता है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र होता है। कहा जाता है कि चंद्रमा की कलाओं के साथ-साथ इस शिवलिंग का आकार भी घटता-बढ़ता रहता है। इस साल यह यात्रा 38 दिनों की हो रही है 3 जुलाई से यात्रा प्रारंभ होगी और 9 अगस्त तक चलेगी यात्रा के लिए जम्मू कश्मीर सरकार के द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं लिहाजा 3 जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए अब यात्रियों का जत्था जम्मू कश्मीर रवाना होने लगा है

बिलासपुर से भी यात्रियों का पहला जत्था रवाना हुआ उसलापुर रेलवे स्टेशन से लगभग 20 यात्रियों का जत्था दुर्ग जम्मू तवी एक्सप्रेस से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना हुआ इससे पहले उसरापुर स्टेशन में यात्रियों ने भोलेनाथ के जयकारे के बीच अपनी यात्रा की शुरुआत की यात्री बुधवार की रात जम्मू तवी पहुंचेंगे जहां से वह गुरुवार को सुबह पहलगाम के लिए रवाना होंगे पहलगाम में रात्रि के समय रुकने के बाद अगले दिन सुबह चंदनवाड़ी पहुंचेंगे जहां से वह पवित्र अमरनाथ यात्रा की चढ़ाई की शुरुआत करेंगे और 32 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर बाबा बर्फानी के द्वार पर पहुंचेंगे बिलासपुर से पिछले कई वर्षों से इसी तरह से अमरनाथ यात्रियों का जत्था प्रतिवर्ष उनके दरबार में आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचता है।




