बिलासपुर के अरण्यिका रोपणी सकरी और स्मृति वन में भीषण आग लगने से जंगल की बड़ी मात्रा में वनस्पति नष्ट हो गई। इस आग ने न केवल प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाया बल्कि जंगल में रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न कर दिया। इसी तरह सिरगिट्टी स्थित सब्जी मंडी में भी आगजनी की घटना में अस्थाई सब्जी की दुकानें जलकर खाक हो गयी। दोनो ही आगजनी की घटना के पीछे असामाजिक तत्वों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। शनिवार की शाम अचानक अरण्यिका रोपणी सकरी और स्मृति वन में आग लग गई, जिसने पूरे जंगल को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय लोग होली मनाने में व्यस्त थे, जबकि असामाजिक तत्वों की गतिविधियां जारी थीं। वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन रविवार तक सूखी पत्तियों में आग सुलगती रही। स्थानीय लोगों ने वन विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताई है, क्योंकि हर साल गर्मी के मौसम में जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और इस बार भी प्रशासन इसे रोकने में नाकाम साबित हुआ।

इसी तरह की आगजनी की घटना सिरगिट्टी वार्ड नंबर 10 की सब्जी मंडी में भी हुई। शरारती तत्वों ने उस वक्त आग लगा दी जब मंडी में कोई नहीं था। गनीमत रही कि होली के कारण अस्थाई दुकानें बंद थीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। मंडी में लगी आग से प्लास्टिक और लकड़ी से बनी दुकानें जलकर खाक हो गईं। वन विभाग के डीएफओ अभिनव कुमार ने बताया कि फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन जंगल के कुछ हिस्सों में अब भी धुआं उठ रहा है। वन विभाग की टीमें हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि आग दुर्घटनावश लगी या फिर यह किसी साजिश का हिस्सा थी। स्थानीय लोगों ने इस घटना की निष्पक्ष जांच और वन क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।




