
बिलासपुर। सर्वदलीय एवं जनसंगठनों के संयुक्त मंच ने छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक समुदायों और अन्य नागरिकों पर हो रहे हमलों, आरोपों और सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है। मंच ने हाल ही में दुर्ग में दो ननों और तीन आदिवासी युवतियों की गिरफ्तारी को अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि बिना निष्पक्ष जांच के की गई ऐसी कार्रवाइयां संविधान और न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ संगठनों द्वारा धार्मिक और भाषाई आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।

विशेष रूप से बांग्ला भाषा बोलने वालों को बांग्लादेशी बताकर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई। मंच ने कहा कि यह प्रवृत्ति सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है तथा इस पर तत्काल रोक लगानी जरूरी है। मंच ने राष्ट्रपति से मांग की कि किसी भी धर्म या समुदाय के व्यक्ति पर कार्रवाई से पहले गहन जांच अनिवार्य की जाए साथ ही, केवल भाषा के आधार पर किसी को निशाना बनाने की प्रवृत्ति खत्म कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश में शांति और भाईचारे का माहौल कायम रह सके।




