आंगनबाड़ी धरना प्रदर्शन करते हुये कहा की चुनाव नजदीक आते ही सरकार पर शासकीय कर्मचारियों के द्वारा दबाव बनाने का काम शुरू हो जाता है एक और जहां रेल कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं तो वहीं अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ के द्वारा भी आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार पर मानदेय बढ़ाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है बुधवार को आयोजित आंगनबाड़ी सहायिकाओं के द्वारा बैठक में मानदेय बढ़ाने को लेकर रूपरेखा तैयार करने बैठक आयोजित की गई इस बैठक में अगर सरकार के द्वारा उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो उनके द्वारा उग्र आंदोलन कर अपनी मांग बनवाने के लिए सरकार को विवश करने पर भी रणनीति तैयार की गई है हालांकि इस तरह से चुनाव के समय शासकीय कर्मचारी का सरकार पर दबाव बनाने का काम नया नहीं है बल्कि इससे पहले भी वह इस तरह से सरकार पर दबाव बनाकर अपना मानदेय बढ़ाते आए हैं हालांकि से सरकारी खजाने पर असर पड़ता है और सरकार की अर्थव्यवस्था भी डगमगती आती है लेकिन शासकीय कर्मचारी अपनी मनमानी चुनाव के वक्त ही सरकार के समक्ष रखते हैं ऐसे में अब देखना होगा कि केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कितना गौर करती है.







