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आजाद हिंद एक्सप्रेस में पेंट्रीकार में तांडव ,पुरानी रंजिश में बंद करके मारपीट, रेलवे सुरक्षा पर उठे सवाल…

बिलासपुर -रायपुर से बिलासपुर आ रही आजाद हिंद एक्सप्रेस में मंगलवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पेंट्रीकार कोच में पुरानी रंजिश को लेकर दो गुट भिड़ गए। घटना के दौरान मारपीट, धमकी और बीच बचाव में हाथापाई की नौबत तक आ गई। पेंट्रीकार में हुई इस वारदात ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक रायपुर के तुलसी नगर गुढ़ियारी निवासी रोहित सोनकर और अर्जुन सोनकर रायपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पेंट्रीकार कोच में पहुंचे थे। यहां पहले से मौजूद मध्यप्रदेश के भिंड निवासी प्रेम सिंह तोमर, मुरैना निवासी सोनू सिंह तोमर और बाल बहादुर ने दोनों को कोच के अंदर बंद कर बेरहमी से पीटा। आरोप है कि इस दौरान जान से मारने की धमकी भी दी गई।मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है। कुछ दिन पहले अर्जुन सोनकर के भाई से पेंट्रीकार कर्मचारियों का विवाद हुआ था। इस विवाद का सुलह कराने के लिए अर्जुन और रोहित मंगलवार को रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। जैसे ही ट्रेन रवाना हुई, आरोपी पेंट्रीकार में घुसकर हमला बोल दिया।घटना की भनक मिलते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई। अन्य यात्री और कर्मचारी बीच-बचाव में उतरे तो मारपीट का सिलसिला दोनों तरफ से शुरू हो गया। इस पूरी वारदात के दौरान ट्रेन स्टाफ और सुरक्षा कर्मी नदारद रहे, जिससे हमलावरों के हौसले और बुलंद हो गए।मारपीट करते हुए यह गुट शाम तक बिलासपुर पहुंचा। यहां पहले से सतर्क आरपीएफ ने सभी को पकड़कर वैधानिक कार्यवाही के लिए जीआरपी बिलासपुर को सौंप दिया। जीआरपी ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।रोहित सोनकरआजाद हिंद एक्सप्रेस के पेंट्रीकार में हुई मारपीट को जीआरपी ने हल्के में लेते हुए दोनों पक्षों पर सामान्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामले के संज्ञान में आने पर बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम ने कहा कि बारीकी से जांच कर पेंट्रीकार के संचालन स्थल और संबंधित कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अनुराग सिंह,,सीनियर डीसीएम बिलासपुर रेल मंडल ट्रेन के पेंट्रीकार में इस तरह खुलेआम मारपीट की घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेंट्रीकार और कोच में सुरक्षा कर्मियों की गैरमौजूदगी, यात्रियों और कर्मचारियों की जान को खतरे में डाल रही है। अब देखना होगा कि रेलवे इस गंभीर लापरवाही पर क्या कदम उठाता है।

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