
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर आज बिलासपुर जिले में बड़ा हंगामा देखने को मिला। जिले में काम करने वाले सैकड़ों आवास मित्र अपनी मांगों को लेकर बिलासपुर के कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार आपत्ति दर्ज कराई। आवास मित्रों का कहना है कि उन्होंने नवंबर–दिसंबर 2024 से लगातार काम करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना को ज़मीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई है।आवास मित्रों के अनुसार, जिले में करीब 400 लोग आवास मित्र के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनकी मेहनत से बिलासपुर जिला पूरे प्रदेश में आवास निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने में अग्रणी रहा। लेकिन इसके बावजूद अब प्रशासनिक स्तर पर ऐसा फैसला लिया गया है, जिससे उनकी रोज़ी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया हैआवास मित्रों ने आरोप लगाया कि हाल ही में जिला पंचायत सीईओ द्वारा एक पत्र जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि जिन पंचायतों में 150 से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं, वहां आगे का काम अब पंचायत के रोजगार सहायकों द्वारा देखा जाएगा। इस फैसले से आवास मित्रों को अचानक कार्य से अलग कर दिया गया है, जिससे उनमें भारी नाराजगी है।आवास मित्रों का कहना है कि यह नियम पूरे प्रदेश में कहीं लागू नहीं है, केवल बिलासपुर जिले में ही इस तरह का आदेश जारी किया गया है। उनका आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के लिया गया यह फैसला पूरी तरह से अनुचित और अशोभनीय है।सबसे गंभीर बात यह है कि आवास मित्रों का कहना है कि पूरे कार्यकाल में उन्हें केवल 35 प्रतिशत भुगतान ही किया गया है, जबकि शेष राशि अब तक लंबित है। ऐसे में वे आर्थिक संकट से जूझ रहे । कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आवास मित्रों को आश्वासन दिया कि वे इस पूरे मामले पर जिला पंचायत सीईओ से बातचीत करेंगे और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।फिलहाल आवास मित्र प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अब देखना होगा कि उनकी मेहनत को सम्मान मिलता है या उनकी परेशानी और बढ़ती है।




