
बिलासपुर। जिला पंचायत बिलासपुर के अंतर्गत कार्यरत आवास मित्रों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लगातार सेवाएं देने के बावजूद आवास मित्रों को नियमित नियुक्ति नही दी जा रही है। रोजगार सहायक को ही प्राथमिकता दी जा रही है और आवास मित्रों को नई नियुक्ति सूची से बाहर रखा गया है। आवास मित्र अनियमित कर्मचारी कल्याण संघ, बिलासपुर ने बताया कि जिले के विभिन्न जनपदों में कार्यरत आवास मित्र ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत बने घरों की निगरानी और रिपोर्टिंग का काम करते हैं। हर माह इन्हें पंचायत से मिलने वाली राशि बहुत ही कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है।

ज्ञापन में कहा गया है कि आवास मित्रों को प्रति आवास 300 से 400 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। ऐसे में एक महीने में मुश्किल से 8 से 9 हजार रुपये ही मिल पाते हैं। संगठन ने इसे बेहद कम बताते हुए उचित मानदेय देने की मांग की है। इसके अलावा आवास मित्रों ने यह भी कहा कि शासन के पत्र क्रमांक 2025 में रोजगार सहायक के माध्यम से कार्य संपन्न करने का निर्देश जारी किया गया है। यदि ऐसा होता है तो हजारों आवास मित्र बेरोजगार हो जाएंगे। संगठन ने जिला पंचायत सीईओ से मांग की है कि आवास मित्रों को नियमित किया जाए, उचित मानदेय प्रदान किया जाए और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नीतिगत निर्णय लिया जाए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।




