
बिलासपुर। शहर के चाटीडीह क्षेत्र में स्थित ईरानी बस्ती के कथित अवैध कब्जे को हटाने को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नगर निगम पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया है। आरोप है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के दौरान अन्य बस्तियों पर सख्त कार्रवाई की गई, जबकि ईरानी बस्ती के मामलों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि वर्षों से शासकीय भूमि पर काबिज ईरानी बस्ती में न तो अवैध निर्माण हटाए गए और न ही किराया वसूली जैसी प्रक्रियाएं अपनाई गईं। जबकि आसपास के लोगों के मकान तोड़े गए और उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर निगम द्वारा एक ही तरह के मामलों में अलग-अलग रवैया अपनाया जा रहा है, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। उल्लेख किया गया है कि पूर्व में प्रशासन और नगर निगम आयुक्त को कई बार आवेदन देकर समान कार्रवाई का आश्वासन मिला था, लेकिन तय समय सीमा के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज क्षेत्रवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि नियमों के अनुसार कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूरन धरना-प्रदर्शन करेंगे। वहीं मामले को लेकर प्रशासन से मांग की गई है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया सभी पर समान रूप से लागू की जाए और किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। क्षेत्रवासियों ने निष्पक्ष जांच और शीघ्र कार्रवाई की अपील करते हुए कहा है कि कानून का पालन सभी के लिए बराबर होना चाहिए, तभी क्षेत्र में शांति और व्यवस्था कायम रह सकती है।




