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ई रिक्शा चालकों द्वारा बिलासपुर कलेक्ट्रेट का घेराव कर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए सैकड़ों की संख्या में ई रिक्शा चालकों ने ना केवल कलेक्ट्रेट का घेराव किया, बल्कि जल्द से जल्द स्टैंड उपलब्ध कराने की मांग पर कलेक्ट्रेट के गेट के पास जमकर नारेबाजी भी की और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। अचानक इतनी संख्या में ई रिक्शा चालकों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से हड़कम्प मच गया। क्योंकि सोमवार को सारे अधिकार टीएल की मीटिंग में व्यस्त थे। उसपर ई रिक्शा चालक अपने अड़ियल रवैये के सामने किसी की एक भी सुनने को तैयार नही थे।सभी कलेक्टर कार्यालय के प्रमुख गेट के पास एकत्रित होकर हंगामा करने लगे। हालांकि बाद में सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ई रिक्शा चालकों को डांट-डपटकर शांत कराया और फिर उनके पदाधिकारियों को अपनी समस्या को कलेक्टर के समक्ष रखने के लिए गेट के अंदर प्रवेश दिया। इसी बीच एक ई रिक्शा चालक अपने रिक्शे में बेस लेकर पहुंच गया जिसे देखते ही मौके पर मौजूद सिविल लाइन की पेट्रोलिंग पार्टी ने ई रिक्शा सहित चालक को कार्यवाही के लिए सिविल लाइन थाने लेकर चली गयी।

मीडिया को जानकारी देते हुए ई रिक्शा चालकों ने बताया कि कोई लंबे समय से जिला प्रशासन से और रेल प्रशासन से स्टैंड की मांग कर रहे हैं। वर्तमान में उनकी संख्या पेट्रोल और डीजल ऑटो चालकों से कई गुना ज्यादा है बावजूद उसके पेट्रोल और डीजल ऑटो चालक उनके साथ सही बर्ताव नहीं करते रेलवे स्टेशन हो या बस स्टैंड या फिर उसलापुर स्टेशन हो हर जगह डीजल और पैट्रोल ऑटो चालकों की ओर से उनके संग का हवाला देकर ई रिक्शा चालकों के साथ गुंडागर्दी कर उन्हें मारा पीटा जा रहा है। इतना ही नहीं ई रिक्शा महिला चालकों से भी डीजल और पेट्रोल ऑटो चालक दुर्व्यवहार और गाली गलौच कर रहे है।

बहरहाल विभिन्न समस्याओं से ई रिक्शा चालक लंबे समय से जूझ रहे है, अपनी समस्याओं से वे शासन प्रशासन रेल प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं बावजूद इसके अब तक इनकी सुनवाई नहीं की गई है। इसलिए ई रिक्शा चालक इस बार शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट का घेराव कर अपना मांग पत्र कलेक्टर को सौंप दिया है। अब अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती है तो यह शासन प्रशासन और रेलवे के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करने बाध्य होंगे जिसका जिम्मेदार जिला प्रशासन और रेल प्रशासन होगा।

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