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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव का किया शुभारंभ एचएनएलयू में कोलोसस और आईएमयूएनसी का आयोजन, देशभर के 65 विश्वविद्यालयों के 500 युवा कर रहे हिस्सेदारी

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में अंतर-विश्वविद्यालय उत्सव एचएनएलयू कोलोसस और आईएमयूएनसी-2025 का शुभारंभ किया। 10 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में देशभर के 65 विधि विश्वविद्यालयों के 500 युवा हिस्सेदारी कर रहे हैं। विधि की पढ़ाई कर रहे देश के अनेक शहरों से नवा रायपुर में जुटे युवा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं तथा साहित्यिक व सांस्कृतिक आयोजनों में भागीदारी करेंगे। वे मंथन, कूटनीति और वैश्विक समस्याओं के समाधान में भागीदारी के लिए विधि के छात्र-छात्राओं को प्रेरित करने आयोजित अंतरराष्ट्रीय मॉडल संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भी हिस्सेदारी करेंगे। श्री साव ने मशाल जलाकर कोलोसस और आईएमयूएनसी का उद्घाटन करने के साथ ही खेल प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शुभारंभ समारोह में देशभर के विधि छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। यहां की धरती बहुत खूबसूरत और ऐतिहासिक है। सभी कालों में छत्तीसगढ़ का उल्लेख मिलता है।

यहां की उर्वरा, वन और खनिज संपदा से भरी धरती में कोयला से लेकर हीरा तक विद्यमान हैं। यहां के जंगल बहुत सुंदर और विविधताओं से भरे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप लोग बड़े सपने लेकर विधि की पढ़ाई कर रहे हैं। हमारे शरीर और मन की क्षमताएं असीम हैं। आज शिखर पर पहुंचे लोग भी कभी आपके और हमारे जैसे साधारण लोग थे। देश के विभिन्न राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में कानून की पढ़ाई कर रहे युवा विविध प्रतियोगिताओं के माध्यम से अपने हुनर का जादू बिखेरेंगे। एचएनएलयू के इस तीन दिवसीय प्रतिष्ठित आयोजन में विद्यार्थी अपनी कला तथा बौद्धिक व खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। वे इस दौरान क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन से अपनी चमक बिखेरेंगे। एकल व समूह गायन, नृत्य प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक और मंचीय नाटक जैसे विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों में वे अपनी कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मकता दिखाएंगे। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को वाद-विवाद और ओपन माइक सत्रों के माध्यम से अपनी अभिव्यक्ति, वक्तृत्व कला तथा काव्यात्मक प्रतिभा के प्रदर्शन का भी मौका मिलेगा।

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