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एटीएम मशीन की शटर जाम कर चोरी करने वाला शातिर चोर गिरफ्तार, दोस्तों के साथ 2015 से कर रहा था चोरी।

बिलासपुर पुलिस के हाथ एक ऐसा शातिर आरोपी लगा है जो एटीएम मशीन की शटर को जामकर पैसे कमा रहा था। उसके पकड़े जाने के बाद चौकाने वाली कहानी सामने निकल कर आई। बिलासपुर में ट्रांजैक्शन सॉल्यूशन इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी एसबीआई के एटीएम का देखरेख करती है, जिसके सुपरवाइजर ने थाने में सूचना देते हुए बताया कि उनके कॉल सेंटर को सूचना मिली थी कि व्यापार विहार स्थित एटीएम मशीन से पैसा नहीं निकल रहा है। वहां जाकर चेक किया तो पता चला कि एटीएम मशीन का शटर डैमेज है। जब उन्होंने एटीएम में लगे सीसीटीवी की जांच की तो दिखा की एक व्यक्ति एटीएम के शटर बॉक्स में लगे शटर को स्क्रू ड्राइवर से उठाकर उसमें एक पट्टी फंसाता है जिसके कारण से जब भी कोई व्यक्ति रुपए विड्रोल करने पहुंचता है तो उसके रुपए बाहर नहीं आते और वह यह सोचकर लौट जाता है कि एटीएम में पैसे नहीं होंगे, लेकिन यह व्यक्ति बाद में आकर वह रुपए निकाल लेता है।

इसी तरह की घटना सत्यम चौक लिंक रोड और गोल बाजार केटीएम में भी सामने आई। तारबाहर थाने में रिपोर्ट के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे आरोपी की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान संदिग्ध आरोपी बिलासपुर रेलवे स्टेशन में मिल गया जो ट्रेन के जरिए भागने की तैयारी में था। पुलिस ने जब हिरासत में लेकर पीलवा डीडवाना राजस्थान निवासी 35 वर्षीय बहादुर चौकीदार को गिरफ्तार किया तो फिर पूछताछ में चौंकाने वाली कहानी सामने आई। बहादुर चौकीदार ने बताया कि साल 2015 से ही वह अपने कुछ दोस्तों के साथ राजस्थान एटीएम मशीन में तोड़फोड़ कर रुपए निकालने का काम करता था। इसी अपराध में वह 3 साल जेल में भी रहा। जेल से निकलने के बाद उसने फिर से एटीएम तोड़कर पैसा चोरी करने का काम किया और 2020 में पकड़ा गया। इस बार भी 1 साल जेल में रहने के बाद वह बाहर निकाला तो आपने एक साथी से पट्टी फंसा कर एटीएम से पैसा निकालने का हुनर सीख लिया। इसके बाद वह अकेले ही किसी भी अनजान शहर में जाता और घटनाओं को अंजाम देता था। वह इतना शातिर था कि वह ऐसी ट्रेन का चयन करता जिसमें रात भर सफ़र कर वह सुबह किसी शहर में पहुंचे, दिनभर घटना को अंजाम देकर शाम होने के बाद उस शहर को छोड़ दे। ताकि उसे किसी होटल में ठहरना ना पड़े और उसकी पहचान ना हो पाए। आरोपी 19 जुलाई को उज्जैन से जबलपुर आया और फिर जबलपुर से ट्रेन में बैठकर 21 जुलाई को बिलासपुर पहुंचा। वह पहली बार बिलासपुर आया था, जहां एसबीआई एटीएम में पट्टी फसाने के दौरान वह पकड़ा गया।

बहादुर चौकीदार ने बिलासपुर के व्यापार विहार, लिंक रोड सत्यम चौक और गोल बाजार एटीएम से कुल 40,500 निकाले थे, जिसमें कुछ पैसा तो एटीएम में ही फंस गया था और कुछ पैसे उसने खर्च कर दिए थे। पुलिस बहादुर चौकीदार के पास से 33,000 रु बरामद करने में कामयाब हुई, साथ ही उसके पास से स्क्रूड्राइवर और दो नग पत्ती भी जप्त किया गया।

बहादुर चौकीदार एटीएम में पट्टी फंसा कर लोगों के रुपए हड़प रहा था और यह काम वह कई बरस से कर रहा था जबकि सभी एटीएम में सीसीटीवी लगे होते हैं, लेकिन फिर भी बिलासपुर पुलिस की सतर्कता से ही वह पकड़ा गया। बहादुर चौकीदार को पकड़ने में थाना प्रभारी गोपाल सतपथी, प्रधान आरक्षक किशोर वाणी, आरक्षक मुरली भार्गव, मोहन कोर्राम की विशेष भूमिका रही, नहीं तो फिर कहीं वह बिलासपुर से भी ट्रेन पड़कर निकल जाता तो आज किसी और शहर में इसी तरह की वारदात को अंजाम दे रहा होता।

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