
बिलासपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल सोमवार को 29वें दिन भी जारी रही। बारिश के बावजूद जिले के 735 कर्मचारी रेनकोट और छाता लेकर हड़ताल स्थल पर जुटे रहे। कर्मचारियों ने नियमितीकरण और ग्रेड पे सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। शासन की चुप्पी से नाराज़ कर्मचारियों ने आंदोलन को और तेज करते हुए सोमवार को नया कदम उठाया। सभी कर्मचारियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर राज्यपाल के नाम सामूहिक इच्छा मृत्यु का आवेदन कलेक्टर को सौंपा। संगठन का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्याम मोहन दुबे ने बताया कि शासन लगातार कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे कर्मचारियों का आक्रोश और संकल्प और मजबूत होता जा रहा है। उनका कहना है कि नियमितीकरण और ग्रेड पे की मांग वर्षों से लंबित है और अब कर्मचारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। हड़ताल का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरी तरह दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल, सिम्स, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं प्रभावित हैं। खासकर बरसात के मौसम में बढ़ रहे बुखार, उल्टी-दस्त और सर्दी-खांसी के मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। आम जनता को मजबूरी में निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।




