
बिलासपुर। जिले में एसआईआर कार्यों के चलते बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई विद्यालयों में नियमित कक्षाएँ नहीं लग पा रही हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है। स्थिति यह है कि कई जगह बच्चों को स्वयं एक-दूसरे को पढ़ाने की मजबूरी बन गई है। वार्षिक परीक्षा में अब केवल दो महीने बचे हैं, ऐसे में छात्र और अभिभावक दोनों ही चिंता में हैं। बच्चों का कहना है कि शिक्षक उपलब्ध न होने से पाठ्यक्रम पूरा होना मुश्किल हो रहा है, जिससे परीक्षा की तैयारी पर सीधा असर पड़ रहा है। कई स्कूलों में कक्षाएँ समय पर न लगने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। जब इस मुद्दे पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि स्थिति उतनी गंभीर नहीं है। उनके अनुसार, प्रशासनिक कार्य भी आवश्यक हैं और इसी वजह से कुछ शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि बच्चों की भरपाई के लिए अतिरिक्त कक्षाएँ लेकर पढ़ाई पूरी करवाई जाएगी। हालाँकि, जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई दे रही है। कई स्कूलों के निरीक्षण में यह साफ नजर आया कि बच्चों की पढ़ाई सचमुच प्रभावित हो रही है और शिक्षक उपलब्ध न होने की वजह से छात्रों को आपस में एक-दूसरे को पढ़ाने की स्थिति बन रही है। इससे बच्चों पर अतिरिक्त मानसिक दबाव भी बढ़ रहा है। शिक्षा विभाग से उम्मीद जताई जा रही है कि वार्षिक परीक्षा से पहले जरूरी कदम उठाकर नियमित कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अभिभावकों और शिक्षकों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो परीक्षा परिणाम पर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।




