
एसईसीआर बिलासपुर ने एक बार फिर से विकास कार्य के नाम पर 16 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है। फेस्टिव सीजन के दौरान ट्रेनों के रद्द होने के चलते यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गई है।गौरतलब हो कि रेलवे ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी साझा किया है कि बिलासपुर-कटनी रेल मार्ग पर तीसरी लाइन के जुड़ाव को सुचारू बनाने के लिए बिलासपुर रेल मंडल में करकेली स्टेशन का यार्ड माडिफिकेशन कार्य 17 से 19 नवंबर तक किया जाएगा। इससे यात्री सुविधाओं और गाड़ियों की समयबद्धता में सुधार होगा।इस कार्य के तहत यार्ड माडिफिकेशन की प्रक्रिया के कारण कुछ ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित रहेगा। रद्द ट्रेनों में अम्बिकापुर एक्सप्रेस,, रीवा एक्सप्रेस,,रीवा पैसेंजर,,चिरमिरी पैसेंजर,,कानपुर दुर्ग एक्सप्रेस,, नवतनवा एक्सप्रेस,,कटनी चिरमिरी मेमू पैसेंजर सहित अन्य ट्रेनें शामिल है। रद्द ट्रेनों और ट्रेनों के लेट लतीफी के चलते होने वाली समस्याओं के संबंध में ज़ी न्यूज़ की टीम ने यात्रियों से भी बातचीत की। रेल प्रशासन के प्रति आकर्षित यात्रियों ने स्पष्ट रूप से कह दिया है कि यह समस्या कोरोना काल के बाद से शुरू हुई है जो थमने का नाम नहीं ले रही है।

अब तो यात्रियों को ट्रेनों लेट लतीफी और कैंसिल होने की समस्या से जूझने की आदत सी हो गई है। कुछ यात्रियों ने अपनी व्यथा जी न्यूज़ से बयां करते हुए रेल प्रशासन से निवेदन किया है कि वह जल्द से जल्द ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से शुरू कर दे।बहरहाल जिस तरह से एसईसीआर बिलासपुर ने ट्रेनों को रद्द करने का सिलसिला शुरू किया है अपने आप मे यह भी रिकॉर्ड है। कोरोना काल के बाद से जिस तरह से एसईसीआर ने विकास कार्य के नाम पर ट्रेनों को रद्द करने का सिलसिला शुरू किया था वह आज तक बदस्तूर जारी है। इसी तरह पश्चिम बंगाल में भी बड़ा रेल हादसा हो गया है जहां शालीमार एक्सप्रेस की कुछ बोगिया डिरेल हो गई जिसमें कई यात्रियों के घायल होने की भी खबर है हालांकि यह भी एक वजह है कि हावड़ा रूट की ट्रेन लेट चल रही है।





