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‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र-2024’ अभियान के तहत बुधवार को शहर में बहनों ने सैनिक भाइयों के लिए एकत्रित की राखियां।

रक्षाबंधन 19 अगस्त को है। इस बार बार्डर पर तैनात देश की सुरक्षा कर रहे भाइयों की कलाई सूनी न रहे, इसको लेकर शहर के पूर्व सैनिक संगठन ‘सिपाही’, पूर्व सैनिक महासभा और अन्य संस्थाओं ने ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र-2024’ अभियान चलाया है। इसमें प्रदेशभर की संस्थाओं एवं बहनों ने साथ दिया है। मंगलवार तक कोरबा तक की राखी संगठन ने एकत्रित कर ली थी। कुल 8 लाख 62 हजार राखी एकत्रित हुई है।

वहीं बुधवार को पाली, कटघोरा और अंबिकापुर में राखी एकत्रित की गयी। इसमें सबसे ज्यादा सिपाही शक्ति महिला संगठन ने 51 हजार राखियां सैनिकों के लिए दी हैं। सभी राखी के साथ बहनों ने गांव की मिट्टी, अपना एड्रेस और मोबाइल नंबर लिखकर भेज रहीं हैं। 13 अगस्त को सड़क मार्ग से देशभर की राखियां दिल्ली पहुंचकर आर्मी हेडक्वार्टर को हैंडओवर की जाएगी। 16 लाख राखियों का लक्ष्य रखा गया है। पूर्व सैनिक महेंद्र प्रताप सिंह राणा ने कहा कि पूर्व सैनिक महासभा छत्तीसगढ़ और पूर्व सैनिक संगठन सिपाही विगत वर्ष से रक्षाबंधन पर छत्तीसगढ़ से भारतीय सीमाओं पर रक्षा सूत्र रक्षक कलाइयों तक पहुंचाने का अभियान चला रही है।

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