
बिलासपुर मे शहर ही नहीं, आसपास के छोटे कस्बों और गांवों से भी बड़ी संख्या में युवा कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी के लिए बिलासपुर आते हैं। उम्मीद रहती है कि यहाँ उन्हें बेहतर सुविधाएँ, कोचिंग और तैयारी के लिए उपयुक्त माहौल मिलेगा। लेकिन इन दिनों तैयारी कर रहे इन युवाओं को खुद बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझना पड़ रहा है। मंगलवार को ऐसी ही शिकायतों को लेकर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी बिलासपुर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे और प्रशासन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

छात्र–छात्राओं ने बताया कि वे पुलिस भर्ती समेत विभिन्न शासकीय विभागों की भर्तियों की तैयारी कर रहे हैं। लिखित परीक्षा की कोचिंग तो किसी तरह मिल जाती है, लेकिन शारीरिक परीक्षा की तैयारी के लिए उपयुक्त मैदान और ट्रैक की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि अब तक वे रघुराज स्टेडियम में नियमित रूप से दौड़ और अन्य अभ्यास करते थे, लेकिन अब उन्हें वहाँ प्रवेश और अभ्यास की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है।

परीक्षार्थियों ने यह भी कहा कि पुलिस भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों में फिजिकल टेस्ट सबसे अहम होता है। ऐसे में अभ्यास के लिए जगह न मिलना उनके भविष्य पर सीधा असर डाल रहा है। छात्रों का कहना था कि प्रशासन और खेल विभाग की ओर से किसी तरह की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। मजबूरी में कई बार उन्हें सड़कों पर, कॉलोनियों की गलियों में या असुरक्षित स्थानों पर दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। छात्रों ने कलेक्टर से मिलकर अपनी व्यथा रखते हुए कहा कि वे ज्यादातर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। परिवार उम्मीद के साथ बच्चों को शहर भेजते हैं कि वे तैयारी कर अच्छी नौकरी पाएँगे और घर की आर्थिक स्थिति सुधारेंगे।

लेकिन तैयारी के लिए मैदान, ट्रैक और बेसिक सुविधाएँ न होने से उनका मनोबल टूट रहा है। युवाओं ने कहा कि हम देश और अपने परिवार के लिए कुछ करना चाहते हैं, लेकिन उचित व्यवस्था न होने से हमें हर कदम पर निराशा का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर कार्यालय में दिए गए ज्ञापन के माध्यम से परीक्षार्थियों ने प्रशासन से मांग की कि फिजिकल तैयारी के लिए रघुराज स्टेडियम या किसी अन्य सुरक्षित मैदान में समयबद्ध व्यवस्था की जाए। साथ ही दूरदराज़ से आने वाले विद्यार्थियों के लिए भी सुलभ और किफायती खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। छात्रों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द कोई ठोस और स्थायी समाधान निकालेगा, ताकि वे बिना बाधा के अपने लक्ष्य की तैयारी कर सकें।




