Site icon Grand Gumber News

कबीर जयंती पर अनेक स्थानों पर आयोजन, चौका आरती के साथ भजन कीर्तन विधायक हुए शामिल गुरुद्वारा के विकास के लिए हर संभव प्रयास का दिया आश्वासन

संत कबीर दास जी की जयंती बुधवार को धूमधाम से मनाई गई। इस मौके पर कबीर गुरुद्वारा में सुबह से ही पूजा अनुष्ठान का दौर चलता रहा जहां कबीर पंथ के सदस्य गुरुद्वारा पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते नजर आए इस मौके पर सुबह से ही गुरुद्वारा में चौका आरती के साथ भजन कीर्तन का दौर भी दिन भर चलता रहा। इस मौके पर संत कबीर गुरुद्वारा झोपड़ा पर में भी कबीर जयंती के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया

जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक सहित क्रीडा के अध्यक्ष के भूपेंद्र सवन्नी शामिल हुए, इस मौके पर अतिथियों ने कबीर जयंती की सभी को शुभकामनाएं देते हुए संत कबीर के मार्गदर्शन पर चलने का संकल्प लेते हुए सभी को उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया इस मौके पर गुरुद्वारा के पदाधिकारी ने विधायक से किचन सेट निर्माण की मांग की जिस पर विधायक ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए यहां किशन सेट के लिए राशि उपलब्ध कराई।कबीर दास जी एक ऐसे कवि और समाज सुधारक थे, जिन्होंने अपनी दोहों के माध्यम से समाज में चल रहे कई सारे आडंबरों, भेदभाव और पाखंड को समाप्त करने का प्रयास किया था।

उनके दो उपदेश भी लोगों को मानवता, प्रेम और समानता का मार्ग दिखाते हैं।संत कबीर दास जी न सिर्फ कवि, बल्कि समाज सुधारक भी थे. उनके दोहे आज भी समाज में प्रासंगिक बने हुए हैं. कबीरदास जी ने अपने दोहों के माध्यम से लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है. माना जाता है कि संत कबीरदास जी का जन्म 1398 में उत्तर प्रदेश के बनारस में हुआ था. पंचांग के अनुसार, हर साल इनकी जयंती ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इस साल 648वीं जयंती है. आज के दिन कबीर पंथ के अनुयायी कबीरदास जी के दोहों का पाठ, कीर्तन और गोष्ठियों का आयोजन करते हैं।

Exit mobile version