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कबीर प्रकट दिवस को समाज के लोगों ने धूमधाम से मनाया,की गई चौका आरती, हुए विभिन्न सांस्कृतिक आयोजन

संत कबीर का जन्म सन 1455 की ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को हुआ था। इसलिए हिंदू कैलेंडर की इस तिथि पर कबीरदास जयंती मनाई जाती है। इन्हें कबीर साहब या संत कबीरदास भी कहा जाता है। इनके नाम पर कबीरपंथ संप्रदाय प्रचलित है।इस संप्रदाय के लोग इन्हें एक अलौकिक अवतारी पुरुष मानते हैं। इसी कड़ी में बिलासपुर में भी संत कबीर की जयंती के अवसर पर अनेक स्थानों पर कार्यक्रम का आयोजन किए गए ऐसे में जरहाभाटा स्थित कबीरधाम मंदिर में दो दिवसीय संत समागम एवं कबीर प्राकट्य दिवस का आयोजन किया गया

पहले दिन जहां भव्य शोभा यात्रा निकाली गई तो वहीं दूसरे दिन यहां सुबह से भजन कीर्तन के साथ शाम को चौका आरती का आयोजन किया गया समाज के लिए चौका आरती बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यही पूजा उन्हें आशीर्वाद प्रदान करती है लिहाजा इसमें शामिल होने सुबह से ही समाज के सदस्य यहां पहुंचते रहे।सद्‌गुरु कबीर प्राकट्यधाम से जुड़े मठ 40 देशों में संचालित हैं। विदेशों में एक लाख से अधिक अनुयायी हैं। जबकि कुल 2600 मठ संचालित हैं। इसमें देश के हर प्रांतों में मठ हैं। ज्यादा यूपी के अलावा छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, बिहार में हैं। प्राचीन कबीर मूलगादी से देश-विदेश में चार हजार से अधिक मठ संचालित हैं। लेकिन, गर्मी ज्यादा है। इसलिए विदेश के अनुयायी इस जन्मोत्सव में नहीं आ रहे।

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