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कलेक्टर ने आदिवासी बहुल गांवों का दौरा कर योजनाओं का लिया जायजा, लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश,स्कूलों की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी, शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण पर दिए अहम निर्देश

बिलासपुर जिले के कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को कोटा विकासखंड के आधा दर्जन से अधिक आदिवासी बहुल गांवों का सघन दौरा किया। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और अन्य अधिकारी मौजूद थे। कलेक्टर ने सेंदरी, बांसाझाल, टाटीधार, आमगोहन, लूफा और मझगांव गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन वितरण, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बांसाझाल आंगनबाड़ी केंद्र में अनियमितता मिलने पर सीडीपीओ, पर्यवेक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।दौरे की शुरुआत सेंदरी स्कूल से हुई, जहां कलेक्टर ने 10वीं और 12वीं के परीक्षा परिणाम पर असंतोष जताया। उन्होंने शिक्षकों को बच्चों को अपना मानकर पूरी निष्ठा से पढ़ाने की नसीहत दी और अतिरिक्त कक्षाएं लेने के निर्देश दिए। कक्षा 4 के बच्चों से आत्मीय चर्चा कर उनकी पढ़ाई की स्थिति जानी। बांसाझाल आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों की बेहद कम उपस्थिति और कार्यकर्ता की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई। उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका द्वारा रजिस्टर नहीं दिखा पाने पर सख्त रुख अपनाया।लूफा गांव में कलेक्टर ने सीएससी केंद्र और सुपेत ध्रुव की डबरी का निरीक्षण किया, जहां मछली पालन हो रहा है। उन्होंने सब्जी की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। वहीं प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बने नए आवास का मुआयना किया और हितग्राही परिवार से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आमगोहन में जल संरक्षण के लिए इंजेक्शन वेल तकनीक का निरीक्षण किया और अन्य गांवों में भी इसी तरह के कार्य करने को कहा।कलेक्टर ने टाटीधार में राशन दुकान और जनमन योजना के तहत बन रहे बहुद्देशीय विकास केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम नितिन तिवारी, एपीओ प्रमिल लठारे, सीईओ जनपद युवराज सिंहा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।

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