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कलेक्ट्रेट से शेफर्ड चौक तक बेतरतीब पार्किंग से घंटों जाम ,जिम्मेदारों के दरवाजे पर ही ट्रैफिक नियमों की उड़ रही धज्जियां…

बिलासपुर :- बिलासपुर में ट्रैफिक अव्यवस्था अपने चरम पर है। रोज़ाना कलेक्टर और एसपी कार्यालय के सामने से लेकर शेफर्ड स्कूल चौक तक सड़क किनारे बेतरतीब वाहनों की पार्किंग से घंटों जाम लगता है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जहां से जिले की कानून व्यवस्था तय होती है, वहीं ट्रैफिक नियमों की सबसे ज्यादा धज्जियां उड़ रही हैं। ये तस्वीरें साफ बताती हैं कि बिलासपुर में यातायात व्यवस्था कितनी लाचार हो चुकी है। कलेक्टर, एसपी और आईजी कार्यालय के बाहर से लेकर शेफर्ड स्कूल चौक तक की सड़क पर रोज़ाना वाहनों की लंबी कतारें नजर आती हैं। इस इलाके को जिला प्रशासन ने नो पार्किंग और साइलेंट जोन घोषित कर रखा है, लेकिन यहां सरकारी गाड़ियां, निजी वाहन और अधिवक्ताओं की गाड़ियां भी धड़ल्ले से खड़ी कर दी जाती हैं।विडंबना यह है कि इस पूरे इलाके में मल्टीलेवल पार्किंग की सुविधा मौजूद है और अधिकांश दफ्तरों के पास अपनी पार्किंग भी बनी हुई है, फिर भी लोग सीधे सड़क किनारे वाहन खड़ा कर देते हैं। नतीजा आम राहगीरों को जाम और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। सुबह से लेकर देर शाम तक घंटों सड़क पर रेंगता ट्रैफिक, हॉर्न का शोर और गाड़ियों की भीड़ लोगों का जीना मुश्किल बना रही है।एएसपी ने कहा कि बार-बार अपील के बावजूद लोग सड़क किनारे वाहन पार्क कर देते हैं। अधिवक्ता संघ और अन्य विभागों से भी निर्धारित स्थान पर ही गाड़ी लगाने को कहा गया है। रोज़ाना कार्रवाई की जा रही है। ट्रैफिक विभाग रोज़ाना कार्रवाई करने का दावा करता है, लेकिन हकीकत यह है कि समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस की अपील सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब कलेक्टर और एसपी कार्यालय के दरवाजे पर ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हों, तो फिर बाकी शहर की व्यवस्था कैसी होगी, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।

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