
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को देशभर में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय उपवास एवं धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिलासपुर के गांधी चौक में सुबह 11 बजे से कांग्रेसजन उपवास पर बैठें। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता, वर्तमान व पूर्व जनप्रतिनिधि, संगठन पदाधिकारी तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इससे गरीबों के रोजगार अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है।

ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा को समाप्त करने की मंशा से इसके नियमों में बदलाव कर रही है जिससे मांग आधारित रोजगार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण मजदूरों को आवश्यकता के अनुसार काम मिल जाता था लेकिन अब यह तय किया जा रहा है कि किसे काम दिया जाएगा और किसे नहीं। इससे ग्रामीण गरीब मजदूर वर्ग और छोटे किसानों पर बेरोजगारी का दबाव बढ़ेगा तथा बड़े पैमाने पर पलायन की आशंका भी बढ़ रही है।

वहीं पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं बल्कि कानून है जो ग्रामीणों के रोजगार अधिकार की रक्षा के लिए बनाया गया था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि पंचायती राज व्यवस्था और मनरेगा के माध्यम से गांवों को मजबूत करने की सोच को कमजोर किया जा रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि मनरेगा को पुराने स्वरूप में बहाल किया जाए काम के दिनों की संख्या बढ़ाई जाए और मजदूरी ₹400 प्रतिदिन की जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जायेगा।




