
शहर में आज कांग्रेस ने बढ़ती जनसमस्याओं के खिलाफ जोरदार हल्लाबोल प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी नेहरू चौक में इकट्ठे हुए और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेसियों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की और रैली की शक्ल में नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि शहर और जिले की आम जनता बढ़े हुए बिजली बिलों और अघोषित बिजली कटौती से त्रस्त है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि महंगे बिलों ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है, वहीं बिना पूर्व सूचना के की जा रही कटौती से व्यापारी और आम उपभोक्ता दोनों परेशान हैं। कांग्रेस ने शहर की जर्जर सड़कों का मुद्दा भी जोरशोर से उठाया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई जा रही, जगह-जगह गड्ढे होने से हादसों का खतरा बढ़ गया है। इसके साथ ही उन्होंने जमीन की रजिस्ट्री दरों में बेतहाशा वृद्धि को भी जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन में धान खरीदी की गड़बड़ियों और गरीबों के आवासों पर चल रहे बुलडोजर अभियान को लेकर भी नाराजगी जताई गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्रों में किसानों से मनमानी और लूट की जा रही है, जबकि दूसरी ओर गरीबों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसान और गरीब विरोधी नीतियाँ लागू कर रही है। कांग्रेसियों को कलेक्ट्रेट पहुंचने से रोकने के लिए प्रशासन ने कलेक्ट्रेट रोड पर बैरिकेटिंग की व्यवस्था की, लेकिन उग्र होते प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेटिंग तोड़ दी।

स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने वॉटर कैन का प्रयोग कर भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या, अघोषित कटौती, सड़क मरम्मत, रजिस्ट्री दरों में कमी, धान खरीदी की जांच और गरीबों के आवासों पर बुलडोजर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर तत्काल ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पार्टी ने एलान किया कि अगला चरण विधायक, सांसद और मंत्रियों के बंगलों का घेराव कर सरकार पर दबाव बनाने का होगा।




