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कांग्रेस ने साफ कर दिया है की मनरेगा और महात्मा गांधी की विरासत से छेडछाड के खिलाफ लड़ाई सड़क से सदन तक जारी

बिलासपुर के तिफरा क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर जी रामजी किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने सड़कों पर उतरते हुए सरकार के फैसले को जनविरोधी और इतिहास से छेड़छाड़ करने वाला करार दिया है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू के नेतृत्व में आयोजित मनरेगा बचाओ अभियान के तहत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और समर्थक एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई जिससे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया। इस मौके पर लक्ष्मीनाथ साहू ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं बल्कि महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण रोजगार की गारंटी का प्रतीक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान है और यह देश के इतिहास को मिटाने की साजिश का हिस्सा है। ब्लॉक अध्यक्ष ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार धर्म और नाम परिवर्तन की आड़ में जनता का ध्यान बेरोजगारी महंगाई और ग्रामीण संकट जैसे मूल मुद्दों से भटका रही है। कांग्रेस किसी भी हाल में बापू की विरासत के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और इस फैसले का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलने का फैसला वापस नहीं लिया, तो यह आंदोलन केवल तिफरा तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी इस अभियान को गांव-गांव तक ले जाएगी और जरूरत पड़ी तो इसे उग्र आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

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