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कानून शिक्षा सुधार के नाम पर लाया गया है, लेकिन इसमें समाज के सभी वर्गों के हितों की अनदेखी की गई , सुप्रीम कोर्ट ने भले ही इस कानून पर रोक, पूरी तरह वापस नहीं होने तक जारी रहेगा विरोध

यूजीसी कानून को लेकर देशभर में छिड़ा विरोध अब लगातार तेज होता जा रहा है। इस कानून के खिलाफ उठे विरोध के स्वर इतने बुलंद हुए कि देश के सर्वोच्च न्यायालय को इस पर रोक लगानी पड़ी। इसके बावजूद भी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सर्व समाज के लोगों ने सड़क पर उतरकर इस कानून के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और इसे समाज विरोधी करार दिया। सोमवार को बिलासपुर में यूजीसी कानून के विरोध में सर्व समाज के बैनर तले एक विशाल रैली निकाली गई।

यह रैली देवकीनंदन चौक से शुरू होकर कलेक्ट्रेट तक पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।रैली में शामिल लोगों का कहना है कि यह कानून शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नाम पर लाया जा रहा है, लेकिन इसमें कई ऐसी विसंगतियां हैं जो समाज और शैक्षणिक संस्थानों के हित में नहीं हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि यह कानून सामाजिक संतुलन को बिगाड़ सकता है और इससे भेदभाव खत्म होने के बजाय बढ़ने की आशंका है।

वहीं सरकार का तर्क है कि यूजीसी कानून का उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों में पारदर्शिता लाना और भेदभाव को समाप्त करना है, लेकिन जिस तरह से देशभर में इसका विरोध हो रहा है, उससे सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इन विरोधों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है।

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