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केंद्रीय जेल में राखी पर भाई-बहन का मिलन150 से अधिक जवानों की तैनाती, CCTV और तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था…

बिलासपुर: रक्षाबंधन के अवसर पर बिलासपुर केंद्रीय जेल में इस बार खास तैयारियां की गई हैं। जेल प्रशासन ने राखी के दिन बहनों को उनके बंदी भाइयों से मिलने की विशेष अनुमति दी है। 9 अगस्त को बहनें सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक जेल परिसर में प्रवेश कर अपने भाइयों को तिलक लगाकर राखी बांध सकेंगी।इस दिन भाई-बहन के प्रेम और भावनाओं को जोड़ने वाला सबसे पवित्र अवसर बन जाता है, चाहे वह जेल की दीवारों के भीतर ही क्यों नही जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी के अनुसार इस बार करीब 6 हजार से अधिक बहनों के जेल पहुंचने की संभावना है।इसी को देखते हुए व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं,जिनके लिए वन विभाग से बांस की मांग की गई थी और उसे पूरा कर लिया गया है।हर बहन को 10 से 15 मिनट का समय मिलेगा ताकि वह अपने भाई से राखी के इस पावन अवसर को अच्छे से मना सके।142 CCTV कैमरों की निगरानी, तीन स्तरीय सुरक्षा जांच और 150 से अधिक महिला एवं पुरुष सुरक्षाकर्मी, जिनमें जेल बल के साथ जिला पुलिस बल भी शामिल हैं यह सब व्यवस्था इस बात को सुनिश्चित करेगी कि रक्षाबंधन पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।जेल परिसर में प्रवेश से पहले सभी लोगों की कड़ी जांच की जाएगी, जिससे सुरक्षा में कोई चूक न हो।जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि रक्षाबंधन वह अवसर है जब बंदी भाइयों को अपनी बहनों से मिलने का अधिकार मिलता है।यह मुलाकात उनके लिए भावनात्मक सहारा बनती है और उनके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाती है।प्रशासन की कोशिश है कि यह पर्व भावनाओं के सम्मान और पारिवारिक जुड़ाव का माध्यम बने।इस बार राखी पर बहनों को एक अनोखा उपहार भी दिया जाएगा।जेल प्रशासन की ओर से पौधों का वितरण किया जाएगा, जो न सिर्फ पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि रिश्तों की जड़ें भी मजबूत हों और जीवन में हरियाली बनी रहे। इस विशेष दिन पर बंदियों को विशेष पकवान परोसे जाएंगे।जेल प्रशासन का मानना है कि यह दिन न केवल रिश्तों की मिठास बढ़ाता है,बल्कि बंदियों में नई ऊर्जा और उम्मीद भी भरता है।बहनों से मिलने का यह पल उनके लिए एक नई प्रेरणा बनता है।बिलासपुर केंद्रीय जेल में फिलहाल 2821 पुरुष और 188 महिला बंदी हैं।राखी जैसे पावन अवसर पर,जब बहनों को उनके भाइयों से मिलने का अवसर मिलता है,तब जेल की चारदीवारियों के भीतर भी रिश्तों की गर्माहट महसूस होती है।अब सभी की नजरें इस आयोजन पर हैं,जो प्रेम, सुरक्षा और स्नेह का अनोखा संगम बनकर सामने आएगा।

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