
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में राज्यहित के महत्वपूर्ण विषयों पर तेजी से निर्णय लिए जा रहे हैं। कैबिनेट ने सबसे पहले आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरणों की वापसी प्रक्रिया को मंजूरी दी। इसके लिए मंत्रिपरिषद उपसमिति और जिला स्तरीय समितियों के गठन को स्वीकृति मिली, जो प्रकरणों की जांच के बाद अंतिम अनुमोदन के लिए रिपोर्ट पेश करेंगी।बैठक में 14 अधिनियमों में संशोधन के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास द्वितीय विधेयक 2025 के प्रारूप को भी अनुमोदित किया गया।

छोटे उल्लंघनों पर प्रशासकीय दंड का प्रावधान, न्यायालयों का बोझ कम करना और ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को बढ़ावा इसका मुख्य उद्देश्य है। राज्य सरकार इसके पहले 163 प्रावधानों में संशोधन कर चुकी है, और अब 116 प्रावधानों को सरल बनाया जाएगा।कैबिनेट ने बताया कि लंबे समय से कई अधिनियमों में दंड राशि अपरिवर्तित होने से कार्यवाही प्रभावी नहीं हो पा रही थी। संशोधन से सुशासन में तेजी आएगी और नागरिकों को त्वरित राहत मिलेगी। छत्तीसगढ़ जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण लाने वाला देश का पहला राज्य बना है।बैठक में वर्ष 2025-26 के प्रथम अनुपूरक अनुमान को विधानसभा में प्रस्तुत करने हेतु छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2025 को भी मंजूरी मिली। सरकार ने स्पष्ट किया कि नई नीतियां प्रशासन को सरल, तेज और नागरिकों के लिए अधिक अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।




