
बिलासपुर – बिलासपुर शहर में लगातार चाकूबाजी और संगठित अपराध की घटनाओं के बीच कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है और सरकार जनता की समस्याओं से मुंह मोड़े बैठी है।अटल श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि बिलासपुर ही नहीं बल्कि पूरा प्रदेश संगठित अपराध की चपेट में है। उनका कहना है कि मौजूदा सरकार के मंत्रियों के पास न अनुभव है, न ही प्रशासनिक समझ, जिसके चलते हर जगह अराजकता का माहौल है। उन्होंने किसानों को खाद न मिलना, बिजली बिल हाफ योजना का अधूरा रहना और प्राकृतिक संपदा को बेचने की कोशिश जैसे मुद्दे उठाते हुए सरकार पर जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया।विधायक ने कहा कि प्रदेश में अपराध तेजी से बढ़ रहा है और सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं पर नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की चरण वंदना और मालाएं पहनने में है। हाल के दिनों में बिलासपुर में लगातार हो रही चाकूबाजी और हत्या की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता और भी बढ़ा दी है। वहीं धर्मांतरण को लेकर चल रही सियासत के बीच भी अटल श्रीवास्तव ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि किसी का धर्म बदला नहीं जा सकता, धर्म अपनी जगह स्थिर है, बदलती हैं तो केवल आस्थाएँ।अटल श्रीवास्तव ने कहा कि इंसान की आस्था समय और परिस्थिति के हिसाब से बदल सकती है। यदि किसी मजार पर जाने से किसी को शांति मिलती है, तो वह वहां जाएगा, चर्च या मंदिर में जाने से सुकून मिलेगा तो वहां भी जाएगा। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि उसने अपना धर्म बदल लिया। उनकी मान्यता है कि धर्मांतरण कराना संभव ही नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि धर्म एक जीवन पद्धति है, जिसे कोई बदल नहीं सकता। व्यक्ति अलग-अलग जगह अपनी आस्थाएँ रख सकता है, लेकिन धर्म वहीं रहता है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रदेशभर में धर्मांतरण को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है और अब यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है।




