Site icon Grand Gumber News

खारुन और अरपा नदी के तट पर बसा मनका देवी का मंदिर; लोगों की आस्था और मनोकामना का केंद्र. नवरात्रि के शुभ अवसर पर भक्तगण दूर-दूर से करने आते हैं दर्शन।

खारुन और अरपा नदी के तट पर बसा मनका देवी का मंदिर लोगों की आस्था और मनोकामना का केंद्र है। नवरात्रि में यहां दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं, प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित मा मानक देवी के मंदिर पहुंच कर भक्तों को बड़ा ही आराम और सुकून मिलता है। मां मनका देवी स्वयम्भू है, जहां भक्त मनोकामना लेकर आते हैं और उनकी झोलियां भरती है।

जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर की दूरी पर बूटा पारा दो मुहनी पर स्थित मा मनका देवी का मंदिर सिद्ध शक्तिपीठ में गिना जाता है। प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित मंदिर के दर्शन करने भक्तों का तांता लगा रहता है। मां मनका देवी महाकाली स्वरूप मानी जाती है। इसके बगल में दो मूर्तियां है जो लक्ष्मी और सरस्वती का प्रतीक है। यहां दूर-दूर से भक्त मनोकामना लेकर आते हैं और उनकी झोलियां भरती है। संतान प्राप्ति के लिए महिलाएं मन्नत लेकर आती है उनकी इच्छा पूरी भी होती हैं। बताया जाता है कि यहां आने वाले भक्तों के मन की बात माता जान लेती है और पूरा भी करती है। यहीं पर स्थित बरगद का पेड़ है जहां मनोकामना पूर्ति के लिए नारियल बांधा जाता है, और पूरा होने पर मां के दरबार में भोग प्रसाद चढ़ाया जाता है। मंदिर के पुजारी का कहना है कि मंदिर के दर्शन करने भक्त दूर-दूर से आते हैं पहले यहा जंगल था और अब धीरे-धीरे इसका विकास हो रहा है, अरपा और खारुन के तट पर बसा यह मंदिर नवरात्र में जगमगा जाता है। दूर-दूर से भक्त यहां माता के दर्शन करने पहुंचते हैं।

छोटे से रूप से शुरू मंदिर आज भव्य रूप धारण कर चुका है।पहले माता का आकार छोटा था लेकिन बताया जाता है की मां स्वप्न में आई और उसका रूप बड़ा किया गया जो देखने में काफी मनमोहक है। लोगों की आस्था इस मंदिर से इससे जुड़ी हुई है, भक्तों का कहना है माता के दरबार में आने से ही सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामना भी पूरी होती है, अब धीरे-धीरे मंदिर क्षेत्र का विकास होता जा रहा है।

मंदिर के बगल से अरपा नदी बह रही है कुछ दूर जाकर खारून नदी और अरपा का संगम होता है, जिसके बाद इसका नाम दो मुहनी पड़ा है। इसी के तट पर मां मनका देवी विराजमान है। प्रतिवर्ष नवरात्र में यहां सैकड़ों जोत प्रचलित होते हैं, प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित मंदिर के दर्शन करने दूर-दूर से भक्त यहां पहुंचते हैं और शकुन महसूस करते हैं।

Exit mobile version