
गरियाबंद जिले में थाना छुरा पुलिस ने उद्यापन के गंभीर मामले में दो शातिर आरोपियों—चन्द्रशेखर उर्फ चंदन सेन और निखिल राज सिंह—को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी पूर्व में पीएमटी परीक्षा फर्जीवाड़ा मुन्ना भाई प्रकरण में जेल जा चुके हैं और वर्तमान में स्व. बलीराम कश्यप मेडिकल कॉलेज, जगदलपुर में वर्ष 2007 से एमबीबीएस के विद्यार्थी हैं। दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों में कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।खेमचंद नामक प्रार्थी ने थाना छुरा में शिकायत दर्ज कराई थी कि अगस्त 2025 में उसे डाक से एक नॉन बेलेबल वारंट प्राप्त हुआ। जांच में पता चला कि आरोपी निखिल राज ने अपने साथी चन्द्रशेखर के साथ मिलकर प्रार्थी का नाम जोड़कर फर्जी वारंट तैयार किया और उसे भेजा था।

बाद में फोन कर धमकी दी कि मामला निपटाने के लिए दो लाख रुपये दो, नहीं तो जेल भेज देंगे। डर के कारण प्रार्थी ने वारंट और एक लाख रुपये आरोपी को दे दिए थे। इसके बाद लगातार और पैसे की मांग की जा रही थी।शिकायत मिलने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों की तलाश शुरू की। चन्द्रशेखर को छुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जबकि निखिल राज को हमसफर ट्रेन में फरार होते समय आरपीएफ बिलासपुर और पेण्ड्रारोड की मदद से पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार किया और बताया कि वे वर्ष 2009 से विभिन्न तरीकों से लोगों को धोखा देकर पैसा ऐंठते रहे हैं।दोनों के खिलाफ पहले से पीएमटी फर्जीवाड़ा, नौकरी लगाने के नाम पर ठगी और करोड़ों की धोखाधड़ी जैसे मामले दर्ज हैं। पुलिस अब दोनों की अवैध संपत्ति की भी अलग से जांच करेगी।




