गरीबों को पक्का छत देने के उद्देश्य से सरकार कई अलग अलग नामों से सस्ते आवास बनवाती हैं और लॉटरी सिस्टम से उनका वितरण किया जाता है। बिलासपुर में ये सरकारी आवास पड़े पड़े खण्डहर हो गए हैं लेकिन अब तक किसी को अलॉट नहीं किए गए हैं। बिलासपुर के हेमू नगर क्षेत्र में कुछ साल पहले बॉम्बे आवास नाम से घर बनवाए गए थे। कई वर्षों बाद अब इस इमारत की हालत जर्जर हो चुकी है बिल्डिंग तो बनवा दी गई पर इसमें ना दरवाजे हैं ना खिड़कियां। पड़े-पड़े खंडहर हो गए इस बॉम्बे आवास में अब नशेड़ियों ने कब्जा कर लिया है।


आसपास के लोग बताते हैं कि यह पूरी जगह नशेड़ियों का अड्डा बन चुकी है इन आवासों के आसपास अवैध रेत भी देखी जा सकती है। अंदाज़ है कि इस जगह पर अवैध रेत डंप की जाती है और यहां से अवैध रूप से उसकी बिक्री का काम होता है। शाम होते ही इन इमारतों में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। आसपास से गुजरने वालों के लिए शाम के समय यह जगह खतरनाक हो जाती है। सरकारी सिस्टम इतना सुस्त है कि यह आवास जो अब तक कई गरीबों का घर बन चुके होते पड़े-पड़े खंडहर हो गए हैं।






