
गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक वरिष्ठ साहित्यकार के साथ हुए कथित अपमान के बाद बिलासपुर सहित पूरे संभाग के साहित्यकारों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी विरोध के तहत शुक्रवार को बड़ी संख्या में साहित्यकार कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की।साहित्यकारों ने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि शैक्षणिक संस्थान ज्ञान, सम्मान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के केंद्र होते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में साहित्यकार का अपमान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुलपति जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का व्यवहार न केवल व्यक्तिगत अपमान है, बल्कि संपूर्ण साहित्यिक जगत और अकादमिक मूल्यों पर भी आघात है।प्रदर्शन में शामिल साहित्यकारों ने कहा कि इस घटना से साहित्य समाज की छवि को ठेस पहुंची है और इससे रचनात्मक स्वतंत्रता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इसे उचित कानूनी और संवैधानिक फोरम पर ले जाएंगे तथा न्याय के लिए संघर्ष करेंगे।साहित्यकारों ने यह भी मांग की कि विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही तय की जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।




