
बिलासपुर शहर में वर्तमान में केवल दो ही गोठान का गठन किया गया है एक मोपका में और दूसरा सिरगिट्टी में। इसकी वजह से शहर की सड़कों पर मवेशी खुले में घूमते रहते हैं और न तो उन्हें उचित स्थान मिल पाता है और न ही नगर निगम को इससे निजात। वहीं, मौजूदा गोठानों में गायों की संख्या बढ़ जाने से निगम की समस्याएं और भी गंभीर होती जा रही हैं। इन्हीं परेशानियों को देखते हुए नगर निगम ने एक नई पहल की है। निगम प्रशासन ने निर्णय लिया है कि उसलापुर स्थित गोकुलधाम, जो पहले से ही गोचर भूमि है, में एक बड़ी गौशाला का निर्माण किया जाएगा। इस फैसले से शहर में मवेशियों की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित करने की उम्मीद जताई जा रही है गोकुलधाम में बनने वाली इस गौशाला में सड़क पर घूमने वाले मवेशियों को सुरक्षित ठिकाना मिलेगा। निगम का मानना है कि इससे न केवल पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि शहर की साफ-सफाई और यातायात व्यवस्था में भी सुधार होगा। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार का कहना है कि गोकुलधाम में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है, जिससे बड़ी संख्या में मवेशियों को यहां रखा जा सकेगा। साथ ही, उनके लिए भोजन-पानी और देखभाल की समुचित व्यवस्था भी की जाएगी। इसके लिए निगम ने प्रारंभिक तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही निर्माण कार्य का शुभारंभ होगा। यदि गोकुलधाम में गौशाला निर्माण समय पर पूरा हो गया तो शहर की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा और सड़कों पर मवेशियों से होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी।




