
पखांजूर क्षेत्र के गोण्डाहुर धान खरीदी केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर किसान बेहद परेशान हैं। छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद व्यवस्था पटरी पर नहीं दिख रही है और इसका सीधा खामियाजा अन्नदाताओं को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि केंद्र में टोकन वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह अस्त-व्यस्त है, जिसके कारण उन्हें धान बेचने के लिए कई-कई दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है।स्थिति तब और बिगड़ गई जब टोकन को लेकर विवाद बढ़ा और मारपीट की नौबत आ गई। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र प्रभारी प्रत्येक किसान से 2 किलो अधिक धान की अवैध वसूली कर रहे हैं, जिसकी शिकायत के बाद भी प्रशासन मौन है। किसानों का आरोप है कि अधिकारियों के संरक्षण में इस तरह की गड़बड़ियां बेखौफ जारी हैं।अव्यवस्था, अवैध वसूली और मारपीट की घटनाओं ने किसानों में भारी रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीण मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तत्काल जांच कर कार्रवाई करे, ताकि पारदर्शी तरीके से धान खरीदी हो सके। गोण्डाहुर क्षेत्र की यह घटना बताती है कि जमीनी स्तर पर खरीदी व्यवस्था कितनी बदहाल हो चुकी है और इसका असर सीधे किसानों की आजीविका पर पड़ रहा है।




