
जांजगीर जिले के चांपा रेलवे स्टेशन में बुधवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब नवोदय विद्यालय भद्रक, उड़ीसा से आए माइग्रेशन ग्रुप की 25 बालिकाएं अपनी महिला शिक्षक के साथ स्टेशन पर छूट गईं। तय योजना के तहत पूरी टीम को कोरबा जाना था, लेकिन कम्युनिकेशन गड़बड़ी के कारण पुरुष शिक्षक अन्य छात्रों के साथ बस से रवाना हो गया, और महिला शिक्षक के साथ बालिकाएं स्टेशन पर रह गईं।स्थिति बिगड़ती देख महिला शिक्षक ने तत्काल जांजगीर पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय को कॉल कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। एसपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल चांपा थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

निर्देश मिलते ही सब इंस्पेक्टर उमेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम रेलवे स्टेशन पहुंची और महिला शिक्षक से संपर्क कर मदद का आश्वासन दिया।भारी बारिश के बीच पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्टेशन परिसर से दो वैन की व्यवस्था कराई, जिसमें सभी बालिकाओं और महिला शिक्षक को सुरक्षित बैठाकर कोरबा के लिए रवाना किया गया। पुलिस की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता से छात्राओं को न केवल राहत मिली, बल्कि भय का माहौल भी खत्म हुआ।महिला शिक्षक और सभी बालिकाओं ने सुरक्षित सहायता मिलने पर राहत की सांस ली और जांजगीर पुलिस की इस जिम्मेदारीपूर्ण कार्यवाही की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से एसपी विजय कुमार पांडेय का आभार जताया, जिनकी सक्रियता से यह मुश्किल घड़ी सहजता से संभाली जा सकी।




