
हरेली मनुष्य और प्रकृति के बीच गहरे संबंध का प्रतीक है, जो ज़मीन और जीवन को सहारा देने वाले औज़ारों के प्रति कृतज्ञता की भावना को उजागर करता है. परंपरागत रूप से इस त्योहार को सांप्रदायिक संबंधों को मज़बूत करने और कृषि एवं प्राकृतिक दुनिया की देखरेख करने वाली दिव्य शक्तियों का सम्मान करने के एक तरीके के रूप में देखा जाता है.

सावन माह की अमावस्या पर होने वाली हरेली त्यौहार को साल की पहली त्यौहार के रूप में मनाते हैं.लिहाजा गुरुवार को छत्तीसगढ़ के प्रथम त्यौहार हरेली की धूम देखी गई ग्रामीण अंचलों में किसान अपने किसानी के औजारों की पूजा अर्चना कर साल भर की मेहनत का प्रतिफल के लिए आशीर्वाद मांगा।

छत्तीसगढ़ के परंपरा के अनुसार हरेली का त्यौहार किसानों के लिए बेहद महत्व रखता है।लिहाजा इस दिन किसान औजारों की पूजा अर्चना करते हैं।वही हरेली में गेड़ी चढ़ने की भी परंपरा है जिसके मद्देनजर सुबह से ही ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे गेड़ी में चढ़कर उत्सव का आनंद लेते नजर आए।




