
छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। एक ओर धमतरी में 5 लाख की इनामी महिला नक्सली भूमिका उर्फ गीता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आत्मसमर्पण किया, वहीं दूसरी ओर सुकमा जिले में 7 महिला समेत 26 हार्डकोर सक्रिय नक्सलियों ने एक साथ सरेंडर किया है। आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों पर कुल 64 लाख रुपये का इनाम घोषित था।धमतरी में आत्मसमर्पण करने वाली भूमिका उर्फ गीता नगरी एरिया कमेटी की सदस्य एवं गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में सक्रिय थी। छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, धमतरी पुलिस के लगातार ऑपरेशन, सिविक एक्शन कार्यक्रम और व्यापक जनजागरूकता से प्रभावित होकर उसने मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। संगठन में लंबे समय तक रहने के दौरान पारिवारिक जीवन से वंचित रहने और माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने की बात भी उसने कही।भूमिका उर्फ गीता वर्ष 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय रही और ओडिशा, बीजापुर, गरियाबंद व धमतरी सहित कई जिलों में हुई मुठभेड़ों में शामिल रही है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज थे। आत्मसमर्पण के बाद शासन की नीति के तहत उसे 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है।वहीं सुकमा जिले में सरेंडर करने वाले 26 नक्सली माड़ डिविजन, पीएलजीए और जिले के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय थे तथा सुकमा, उड़ीसा और माड़ क्षेत्र की कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं।सुकमा एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने अभी भी सक्रिय नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने की अपील की है।




