
छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर तेज़ हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने दबाव के क्षेत्र के सक्रिय होने से पूरे राज्य में मौसम गंभीर हो गया है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए भारी से अति भारी बारिश, वज्रपात और अचानक बाढ़ फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। खासकर बिलासपुर, सरगुजा, कोरबा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जैसे जिलों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।बताया गया है कि शुक्रवार देर शाम से 26 जुलाई तक गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तो होगी ही, लेकिन कई क्षेत्रों में मूसलधार बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना है। भूमि की नमी और संतृप्तता इतनी अधिक हो चुकी है कि अब थोड़ी सी भी बारिश से जलभराव और बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। निचले इलाकों, नदी-नालों और जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर तेज़ी से बढ़ सकता है।मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल मानसून की द्रोणिका जम्मू से लेकर कोलकाता और अवदाब के केंद्र तक फैली हुई है। इसके साथ ही उत्तर छत्तीसगढ़ में 4.5 से 5.8 किमी ऊंचाई तक एक चक्रीय परिसंचरण प्रणाली सक्रिय है, जो बादलों को इसी क्षेत्र में ला रही है। इसके अलावा एक और द्रोणिका उत्तर-पूर्वी अरब सागर से होकर छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है, जिससे लगातार नमी मिल रही है और भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है।प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों के पास न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। यह दो दिन पूरे छत्तीसगढ़ के लिए सतर्कता और सावधानी के रहेंगे। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और सुरक्षित स्थानों पर रहें, ताकि किसी भी संभावित आपदा से बचा जा सके।




