
छत्तीसगढ़ शासन ने 1 जनवरी से शासकीय कामकाज में बड़ा बदलाव करते हुए आई-ऑफिस प्रणाली और बायोमेट्रिक हाजिरी को अनिवार्य कर दिया है। गुरुवार से प्रदेशभर के सभी शासकीय कार्यालयों में यह नई व्यवस्था लागू हो गई। हालांकि, साल के पहले दिन बिलासपुर में कई दफ्तर वीरान नजर आए। कुछ कर्मचारी जरूर कार्यालय पहुंचे, लेकिन अधिकांश कार्यालयों में उपस्थिति कम रही।बिलासपुर कलेक्ट्रेट में बायोमेट्रिक हाजिरी की व्यवस्था पहले दिन से ही लागू कर दी गई। यहां सभी कर्मचारियों ने बायोमेट्रिक के माध्यम से अपनी हाजिरी दर्ज की। हालांकि, कुछ कर्मचारियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जिसे जल्द दूर करने की बात कही गई। अधिकारियों के अनुसार, अब सभी शासकीय कार्य आई-ऑफिस के जरिए ही किए जाएंगे और मैन्युअल फाइल वर्क पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।पहले दिन व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के प्रयास किए गए, लेकिन जिले के अन्य कार्यालयों में स्थिति इसके विपरीत दिखी। कई दफ्तरों में न तो बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध थीं और न ही अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित नजर आए। इसके चलते आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा और सरकारी कार्यालय सूने-सूने दिखे। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में सभी कार्यालयों में नई व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाएगी।




