जमीन में गड़े सोने के हंडे की लालच में महिला लाखों की ठगी का शिकार हो गई।
कथित पंडित ने महिला को कभी लालच दिया तो कभी डर दिखाया। अब महिला एसपी से न्याय की गुहार लगा रही है ।
दुनिया चांद सितारों तक पहुंच चुकी है , लेकिन आज भी तंत्र मंत्र पर भरोसा करने वाले इस दुनिया में मौजूद है ।और इसी ना समझी की वजह से रामायण चौक के पास चांटीडीह में रहने वाली बीना तिवारी भी जमीन में दबे कीमती आभूषण और सिक्के पाने की लालच में लाखों रुपए गंवा बैठी। मामले की शिकायत एसपी से करते हुए निजी स्कूल संचालन करने वाली बीना तिवारी ने बताया था कि वह कुछ दिनों से स्कूल के पास ही एक कमरे में रह रही थी। एक दिन वह मोहल्ले में स्थित मंदिर में दर्शन करने गई, जहां उसकी मुलाकात पंडित पंकज पाराशर से हुई। नया मकान बनाने से पहले भूमि पूजन के दौरान पंकज पराशर ने बीना तिवारी को झांसे में लेते हुए बताया कि उनकी जमीन के नीचे सोने की मूर्ति, आभूषण, धन ,हीरे आदि से भरा हुआ हंडा मौजूद है । महिला को भयभीत करने के लिए उसने श्राप की झूठी कहानी भी सुनायी। बताया कि अगर साठ हजार रुपये तत्काल नहीं दिए गए तो फिर उसकी मौत हो सकती है। यह भी बताया गया कि अगर बिना पूजा पाठ के जमीन को खोदा गया तो सभी भस्म हो जाएंगे।
महिला भी कीमती हंडा की लालच में पंडित पंकज पाराशर के झांसे में आ गई और पूजा पाठ के नाम पर ₹60,000 पंकज को दे दिए गए।
पूर्णिमा की रात पंकज अपने साथ लकी नाम के लड़के को लेकर आया जिसने फिर से एक लाख रुपये की मांग की। पूजा पाठ के नाम पर वह तरह-तरह के ढोंग करने लगा। फिर बताया कि शुद्धिकरण के लिए किसी 16 साल की लड़की की बलि देनी होगी। यह भी बताया कि अगर जमीन के अंदर दबे खजाने को नहीं निकला तो सब की मौत हो जाएगी। इसी तरह महिला को डराते हुए उसने एक बार फिर गुरुदेव के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की मांग की। कभी किसी बहाने तो कभी किसी और बहाने वह महिला से लगातार पैसे मांगता रहा। इस तरह बीना तिवारी ने कल 3 लाख 60 हज़ार रुपये दे दिए।
इसके बाद तो पंकज पराशर ने उससे मिलना जुलना ही बंद कर दिया। किसी तरह बीना तिवारी ने हिम्मत जुटाकर जमीन की खुदाई की तो उसमें से नकली जेवर और नकली मूर्ति निकली। जब बीना तिवारी ने पंकज पाराशर दुबे के घर जाकर अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों पति-पत्नी उसे भस्म कर देने का डर दिखने लगे। काफी चक्कर के बाद उसे एक ऐसा चेक दिया, जिसके रकम में लिखे अक्षर की स्याही पानी से फैल चुके थे, इसलिए बैंक ने भी उसका भुगतान करने से मना कर दिया। इसके बाद पंकज परसन ने बिना तिवारी को झांसे में लेकर बुलेट खरीदने के लिए भी उनके आधार नंबर पर फाइनेंस कर लिया। इतना सब कुछ होने के बाद बीना तिवारी को पता चला कि पंकज पाराशर ठग है इसके बाद अब एसपी से शिकायत कर 3 लाख 60 हज़ार रुपए की ठगी और बुलेट फाइनेंस के लिए दस्तावेज पर धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करने के मामले में कार्रवाई की मांग की गई है। पूरी मामले में हैरान करने वाली बात यह है की ठगी की शिकार हुई महिला स्कूल संचालित करती है, जो खुद अंधविश्वासों में घिरी हुई थी। तो वहीं पंकज पाराशर जैसे लोग भी इस समाज के लिए नासूर है , जो अपनी ठगी के लिए धर्म की आड़ लेते हैं।





