शहर की हर एक छोटी बड़ी समिति में सिर्फ पुरुष नजर आते हैं। जरहाभाठा के मिनीबस्ती में महाकालेश्वर दुर्गा समिति ने धार्मिक कार्यों के साथ सामाज में प्रेरणादायक कार्य कर रही है, दान की राशि एवं चंदे की राशि से आय और व्यय का हिसाब पूरी पारदर्शिता के साथ रसीद में छाप कर सार्वजनिक कर दिया जाता है ऐसे समय पर महिलाओं की समिति जिसका सफल संचालन पिछले 3 वर्षो से महिलाएं कर रही हैं। यहां के लोगो की माने तो महिलाओं की समितियों में सक्रियता सिर्फ दुर्गा पूजा तक सीमित नही है बल्कि इन महिलाओं ने सामाजिक कार्यो में बड़ा योगदान दिया है , जिससे यहां के लोगों में काफी सुखद बदलाव का एहसास हो रहा है।

यह समिति दुर्गा आरती के दौरान प्रसाद वितरण के साथ बच्चों को पढ़ाई की सामाग्री बांटती हैं जो अपने आप में नया और प्रेरणादायक कार्य है। समिति की महिलाएं बताती हैं कि कुल बजट का 40 फीसदी हिस्सा बच्चों की शिक्षा और समाजसेवा पर खर्च किया जाता है। प्रमुख लक्ष्य शाला त्यागी बच्चे हैं जो अपराध और नशे से जल्दी ग्रस्त हो जाते हैं, बस्ती में गरीब बच्चे और शाला त्यागी बच्चों को आरती के प्रसाद के रूप में पेन, पेंसिल, स्लेट, कॉपी, पुस्तक बांटा जाता है। महाकालेश्वर दुर्गोत्सव समिति में बड़ी संख्या में महिलाएं अपना योगदान दे रही है।




