
बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जस्ट फॉर चिल्ड्रन संस्था ने देशव्यापी अभियान छेड़ रखा है। यह विशेष जागरूकता अभियान 30 सितंबर तक चलाया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य है बच्चों की तस्करी, शोषण और उनसे जुड़े अपराधों पर रोकथाम और समाज को जागरूक करना। इस अभियान के तहत छत्तीसगढ़ के चार ज़िलों अंबिकापुर, गरियाबंद, नारायणपुर और बीजापुर में विशेष गतिविधियाँ चल रही हैं।संस्था द्वारा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता रैलियाँ निकाली जा रही हैं। इन रैलियों में लोगों को बच्चों की तस्करी, बाल शोषण, बाल मजदूरी जैसे गंभीर अपराधों की जानकारी दी जा रही है, साथ ही बताया जा रहा है कि कैसे

छोटी-सी सतर्कता किसी मासूम को बड़ी मुसीबत से बचा सकती है।अभियान की शुरुआत से अब तक संस्था ने तीन ऐसे बच्चों की पहचान की है जिन्हें तत्काल संरक्षण की ज़रूरत थी। इन्हें सुरक्षित आश्रय और विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। संस्था के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम पांडेय का कहना है कि जब तक हर बच्चे को सुरक्षा, न्याय और सम्मान नहीं मिलेगा, यह अभियान रुकेगा नहीं।पुरुषोत्तम पांडेय ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं किसी बच्चे को संदिग्ध परिस्थिति में देखें तो चुप न रहें, तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें। उन्होंने कहा आपका एक फोन किसी मासूम का भविष्य संवार सकता है।संस्था का स्पष्ट संदेश है बच्चों की रक्षा केवल सरकार या संस्था की नहीं, समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।




