• जहां कांग्रेस का जनप्रतिनिधि होगा, वहां इस बात की गारंटी है कि वह भ्रष्टाचार अवश्य ही करेगा। ऐसे घोटाले और भ्रष्टाचार के सेंटर का नाम यदि गांधी करप्शन सेंटर’ रख दिया जाए तो यह गलत नहीं होगा क्योंकि ऐसे सभी कामों की ट्रेनिंग उन्हीं के द्वारा दी जाती है।
• INDI एलायंस यानी घमंडिया गठबंधन के नेता भ्रष्टाचार कर लूट खसोट करते हैं और जब ED, CBI, और।। जैसी जांच एजेंसी अपना काम करती हैं, तो सारे भ्रष्टाचारी नेता एक होकर जांच एजेंसियों पर आरोप लगाने लगते हैं।
• भ्रष्टाचार की काली कमाई से कांग्रेस नेता अपनी जेब भर रहे हैं और यह सारा पैसा गांधी परिवार की तिजोरी तक जाता है। यह सारा पैसा जनता की गाड़ी कमाई का है, जिससे कांग्रेस के नेता अपने घर भर रहे हैं। यह बहुत आश्चर्यजनक है कि खड़गे, सोनिया गाँधी और राहुल
गांधी चुप्पी इन मामलों साधे बैठे हैं। • घमंडिया गठबंधन के नेता भारत की अर्थव्यवस्था, गरीबों की कमाई और नागरिकों के
अधिकारों को दीमक की तरह खा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी, आप, टीएमसी सहित INDI एलायंस के दल आज भ्रष्टाचार का पर्याय बन गए हैं।
• क्या कारण रहा कि चतरा से 2 बार लोकसभा का चुनाव हार चुके धीरज साहू को कांग्रेस ने तीसरी बार राज्य सभा सांसद बनाया।
INDI एलायंस का सामान
बेंगलुरु में कांग्रेस नेता के रिश्तेदार के घर से मिले 42 करोड़ कैश
यूपी विधानसभा चुनाव के समय ।। की रेड में पीयूष जैन के यहाँ से मिले 200 करोड़ रुपये कैश।
जुलाई 2022 में ममता दीदी के मंत्री पार्थ चटर्जी के ठिकानों से मिले 50 करोड़ कैश और करोड़ों के गोल्ड
142 करोड़ रुपए चेन्नई में आयकर विभाग की छापामारी के दौरान जब्त किए गए थे।
जून 2022 में सत्येंद्र जैन के ठिकानों से ईडी को मिला 2.82 करोड़ कैश के साथ सोने के 133 सिक्के झारखंड में मई 2022 में ED की छापेमारी में अधिकारियों के घर से 20 करोड़ से अधिक कैश
बरामद हुए
कानपुर में आयकर छापे में बंद हो चुके 500-1000 के 95 करोड़ बरामद हुए। झारखंड में इंडी सरकार में मनरेगा में ₹550 करोड़, कोयला आवंटन घोटाला, अवैध खनन में
₹1,500 करोड़, ग्रामीण विकास निधि में ₹1,500 करोड़, भूमि घोटाला में ₹3,000 करोड़, शराब में ₹1500 करोड़ के घोटाला सहित कई घोटालों के मुद्दों को भारतीय जनता पार्टी ने प्रमुखता से उठाया है।
धीरज साहू के घर IT विभाग का छापा
• आयकर विभाग की 40 सदस्यीय टीम ने बुधवार की सुबह 6.30 बजे से धीरज साहू के व्यापारिक समूह के 10 ठिकानों पर ओडिशा के बौध, बोलांगीर, रायगढ़ा व संबलपुर के अलावा झारखंड के रांची-लोहरदगा और कोलकाता में एक साथ छापेमारी शुरू की थी। कार्रवाई अभी जारी है। धीरज साहू की शराब बनाने वाली कंपनी बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज पर आयकर विभाग की छापेमारी की गई है।
• साहू ग्रुप में सांसद के परिजन शामिल: बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज में सीधे तौर पर धीरज साहू के अलावे उनके परिवार के राज किशोर साहू, स्वराज साहू और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल हैं। धीरज साहू तीसरी बार राज्यसभा सांसद बने हैं।
धीरज साहू के रिश्तेदारों के नाम पर ओडिशा में शराब का बड़ा कारोबार है। बलदेव साहू एंड ग्रुप ऑफ कंपनीज मूल रूप से लोहरदगा की है। इस कंपनी ने 40 साल पहले ओडिशा में देसी शराब बनानी शुरू की थी। कंपनी की बौद्ध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड (बीडीपीएल) की साझेदारी फर्म है। इसी कंपनी की बलदेव साहू इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड (फ्लाई ऐश ब्रिक्स), क्वालिटी बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड और किशोर प्रसाद विजय प्रसाद बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड (आईएमएफएल ब्रांडों की बिक्री और विपणन) भी है।








