
कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पशु क्रूरता निवारण समिति की बैठक सोमवार को आयोजित की गई। बैठक में सुप्रीम कोर्ट के सुओमोटो पीआईएल के निर्देशों के तहत शहर के सभी डॉग ब्रीडर और पेट शॉप संचालकों को अनिवार्य पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए। पशुधन विकास विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन प्रपत्र 15 दिसंबर तक भरवाने के आदेश जारी किए गए।बैठक में बताया गया कि शहर में लगभग 6000 पालतू कुत्ते हैं, जिनके एंटी रेबीज टीकाकरण के लिए नगर निगम के सहयोग से वार्डवार संयुक्त दल बनाया जाएगा।

वहीं जिले में मौजूद करीब 21,000 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कार्य भी 15 दिसंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। इस संबंध में पशु चिकित्सकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया जारी है।उच्च न्यायालय के आदेश के अंतर्गत घुमंतू पशुओं के प्रबंधन, सांडों की नसबंदी और चारागाह विकास पर भी चर्चा की गई। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत स्तर पर चरवाहों की नियुक्ति और शासकीय भूमि में हरा चारा उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही किसानों की पैरा संग्रहण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु मजदूरी आधारित संग्रहण व्यवस्था और जिला पंचायत की बेलर मशीनों का उपयोग गोधन केंद्रों में करने के निर्देश दिए।बैठक में निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, संयुक्त संचालक पशुधन विकास विभाग डॉ. जी.एस. तंवर, गौशाला संचालक, डॉग ब्रीडर संगठन और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।




