
जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आम जनता से प्रभावी समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से बीट प्रणाली को मानक कार्यप्रणाली (SOP) के अनुसार प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इस व्यवस्था के तहत बीट अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही, किरायेदारों और नवागंतुकों की जानकारी संधारित करते हुए आम नागरिकों से सतत संवाद स्थापित करेंगे।

शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बीट प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है, जहां प्रत्येक बीट में 6 आरक्षक तैनात किए गए हैं। ये आरक्षक प्रातः, सायं एवं रात्रि—तीन शिफ्टों में 24×7 गश्त एवं निगरानी सुनिश्चित करेंगे। शहरी बीट में बाजार, स्कूल–कॉलेज, बस व रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थानों को शामिल किया गया है, जबकि ग्रामीण बीट के अंतर्गत कई ग्राम, खेत-खलिहान, वन सीमा और दुर्घटनाजन्य स्थलों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

बीट में आवंटित मोटरसाइकिलों में जीपीएस लगाए गए हैं, जिससे पुलिस की निरंतर उपस्थिति और त्वरित कार्रवाई संभव होगी। बीट अधिकारियों को नशा, जुआ-सट्टा, चोरी, नकबजनी और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं से समन्वय कर जन-विश्वास मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।




