
जिले में इस समय धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है,लेकिन इसके बीच कुछ केंद्रों से किसानों द्वारा शिकायतें भी सामने आई हैं। किसानों का कहना है कि लंबे समय तक लाइन में लगने के बावजूद उनका नंबर नहीं आ पाता जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को स्पष्ट करते हुए जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि धान खरीद के लिए टोकन प्रणाली पहले से ही लागू है। जिसके नाम पर जिस दिन का टोकन जारी होता है उसी दिन उसका धान खरीदा जाता है। इससे अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था रोकने में मदद मिलती है। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक खरीद केंद्र में हर दिन कितने क्विंटल धान खरीदा जाएगा, यह पहले से निर्धारित रहता है। यदि किसान तय समय और नियमों के अनुसार अपने टोकन के दिन केंद्र पहुंचते हैं, तो उन्हें न तो लाइन में लगना पड़ेगा और न ही किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खरीद केंद्रों में इतनी लंबी लाइनें नहीं होतीं कि किसानों को सुबह-सुबह पहुंचकर इंतजार करना पड़े। टोकन क्षमता के अनुसार ही जारी किए जाते हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की संभावना कम रहती है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि टोकन की प्रक्रिया किसान स्वयं अपने मोबाइल से भी पूरी कर सकते हैं, जिससे उन्हें सुविधा मिलती है और केंद्र पर अनावश्यक भीड़ नहीं बनती। प्रशासन का उद्देश्य है कि हर किसान को समय पर धान बेचने की पूरी सुविधा मिले और किसी को भी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।




