
तत्काल टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने और दलालों की भूमिका खत्म करने के लिए रेलवे ने बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। अब पीआरएस काउंटरों से तत्काल टिकट केवल OTP आधारित प्रणाली से ही जारी होंगे। यह नई व्यवस्था 18 दिसंबर 2025 से लागू कर दी गई है। रेलवे ने यात्री आरक्षण प्रणाली यानी पीआरएस काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए OTP सिस्टम शुरू किया है। अब यात्री के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आएगा, जिसे सत्यापित करने के बाद ही टिकट जारी किया जाएगा।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस व्यवस्था का मकसद फर्जी बुकिंग, साइबर फ्रॉड और एजेंटों की दखलअंदाजी पर रोक लगाना है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दलाल तकनीकी गड़बड़ियों और फर्जी आईडी के जरिए तत्काल टिकटों पर कब्जा कर लेते हैं।सीनियर डीसीएम ने बताया कि OTP सिस्टम एक तरह की सिंगल और टू-फैक्टर सुरक्षा व्यवस्था है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल वास्तविक यात्री ही तत्काल टिकट बुक कर सकें और फर्जी अकाउंट पूरी तरह रोके जा सकें। रेलवे के अनुसार OTP के बिना किसी भी यात्री को पीआरएस काउंटर से तत्काल टिकट जारी नहीं किया जाएगा। यात्रियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से तत्काल टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और एजेंटों की मनमानी पर प्रभावी रोक लगेगी।




